मधेश प्रदेशमे मानवअधिकार उल्लङ्घनसम्बन्धी ३९ उजुरी दर्ता


जनकपुरधाम, १८ साओनः राष्ट्रिय मानवअधिकार आयोगक मधेश प्रदेश कार्यालय जनकपुरधाममे आर्थिक वर्ष २०८२/८३ मे ३९ टा मानवअधिकार उल्लङ्घनसम्बन्धी उजुरी दर्ता भेल अइछ ।

नागरिकके आधारभूत अधिकार, महिला तथा बालअधिकार, जातीय भेदभाव, आर्थिक तथा सामाजिक अधिकार आ यातना विरुद्धक विषयमे उजुरी प्राप्त भेल आयोगक प्रमुख बुद्धनारायण सहनी केवट जानकारी देलैन ।

नागरिक तथा राजनीतिक अधिकार सम्बन्धीके महासन्धिअन्तर्गत १७, घरेलु हिंसा, लैङ्गिक विभेद, शारीरिक तथा मानसिक यातना, सामाजिक बहिष्कार आ महिलापर हुअबला हिंसाके सातटा उजुरी दर्ता भेल अइछ ।

तहिना, बालबालिकापर हुअबला तीन, जातीय विभेद, सामाजिक बहिष्कार तथा समान व्यवहार नै भेल दू, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगारी, खाद्य सुरक्षा, आवास तथा सामाजिक सुरक्षाजेहन आधारभूत सेवामे पहुँच नै भेल आठ आ यातना विरुद्धक अधिकारसम्बन्धी महासन्धिअन्तर्गत तीनटा उजुरी दर्ता भेल अइछ ।

आर्थिक वर्ष २०८२/८३ मे एक सओ १० टा उजुरीके छानबिन तथा अनुसन्धान सम्पन्न क अन्तिम निर्णयके लेल आयोगक केन्द्रीय कार्यालय पठाएल गेल प्रमुख केवट जानकारी देलैन ।

आयोग ३ सओ ७७ टा उजुरीके विस्तृत छानबिन तथा अनुसन्धान क रहल अइछ ।

उजुरीमे सम्बन्धित निकायसँ विवरण माँगब, पीड़ित तथा सरोकारवालासँ बयान लेबाक, घटनास्थल निरीक्षण करबाक तथा आवश्यक समवंयात्मक प्रक्रिया आगु बढ़ाएल गेल अइछ ।

आयोगमे अधिकांश प्रहरीमे जाहेरी दर्ता नै भेल, जाहेरी दर्ता भेलाक बादो अनुसन्धान प्रभावकारी नै भेल, पीड़ितके न्याय लेबाक लेल कठिनाइ भेल, प्रशासनिक निकायसँ समयमे सुनुवाइ नै भेल तथा सरकारी सेवामे पहुँचसम्बन्धी समस्या रहल विषयमे उजुरी आएल प्रमुख केवट बतौलैन ।

मधेश प्रदेशमे बितल समय सामाजिक तनाव, लैङ्गिक हिंसा, जातीय विभेद, प्रशासनिक लापरबाही तथा न्यायमे पहुँचसम्बन्धी समस्याके कारण मानवअधिकारसम्बन्धी शिकायत बइढ़ रहल सरोकारवालाके कहब अइछ । (रासस)

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